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केन्द्रीय विद्यालयों की उत्पत्ति 1960 के दशक की शुरुआत में हुई। 1963 में भारतीय सरकार द्वारा स्थापित, केन्द्रीय विद्यालयों का उद्देश्य देशभर में समान और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करना था। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करना था, ताकि वे अपनी पोस्टिंग स्थान की परवाह किए बिना स्थायी और गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकें।
मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:
समान शिक्षा प्रणाली: केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित करना।
राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना: विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के छात्रों के लिए एक समान शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना, ताकि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सामंजस्य को बढ़ावा मिल सके।
शैक्षणिक उत्कृष्टता: छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना।
केन्द्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना के साथ, ये विद्यालय भारत में गुणवत्ता और समुचित शिक्षा के प्रतीक बन गए हैं।